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FUNDAMENTAL ANALYSIS

अगर कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस से ये पता चलता है कि – कंपनी को फ्यूचर में कुछ खास फायदा नहीं होने वाला, ये कंपनी फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? के ऊपर कर्जे बहुत ज्यादा है, तो फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर निवेशक ऐसी कम्पनी का शेयर नहीं खरीदता है,

BASIC OF FUNDAMENTAL ANALYSIS

किसी स्टॉक में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए हमें कंपनी के FUNDAMENTAL ANALYSIS पर ज्यादा ध्यान देना होता है, ताकि कंपनी मार्केट में शोर्ट टर्म उतार चढाव से आगे निकलकर हमें लॉन्ग टर्म में अच्छा लाभ दे,

और FUNDAMENTAL ANALYSIS से पहले हमें इसके कुछ BASICS को समझना भी जरुरी है, ध्यान देने वाली बात ये है कि FUNDAMENTAL ANALYSIS पूरी तरह किसी कंपनी और उसके बिज़नस से जुड़े अलग अलग बातो और FACTS के बारे अध्ययन करना होता है,

ऐसे में सबसे पहले हमें एक BUSINESS और उसके शुरुआत से लेकर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने से पहले क्या क्या स्टेज से गुजरती है, इसके बारे में STUDY करना जरुरी है,

आइये सबसे पहले इन दोनों बेसिक बातो को समझते है- कि कैसे एक बिज़नस शुरू होता है, और किस तरह वो आगे बढ़ते बढ़ते स्टॉक मार्केट में लिस्ट होता है,

क्या है टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस? शेयर बाजार में पैसा कमाने के लिए जरूरी है ये ज्ञान, जानें इसे कैसे सीखें

शेयर बाजार में निवेश के लिए जरूरी है टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस की समझ

टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस में किसी भी शेयर या कंपनी के पिछले और वर्तमान प्रदर्शन के आधार पर भविष्य की संभावना का अ . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : November 03, 2022, 11:42 IST

हाइलाइट्स

टेक्निकल एनालिसिस में इंडिकेटर के जरिए स्टॉक के प्राइस की मूवमेंट का अंदाजा लगाया जाता है.
फंडामेंटल एनालिसिस में किसी फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? भी कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्टोरी का अध्ययन किया जाता है.
टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस सीखने के लिए कई बुक, कोर्स और ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध है.

नई दिल्ली. शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले इसकी पर्याप्त समझ होनी चाहिए. किसी भी स्टॉक को खरीदने के लिए उसके बारे में अच्छे से अध्ययन करना होता है और यह दो तरीकों टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस के जरिए किया जाता है. लेकिन, आम निवेशक को इसके बारे में ज्यादा समझ नहीं होती है लेकिन बाजार में सक्रिय रूप से काम करने वाले निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट्स इसकी गहरी समझ रखते हैं. हालांकि, टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस की समझ विकसित करना ज्यादा मुश्किल नहीं है.

आइये जानते हैं कि आखिर टेक्निकल और फंटामेंटल एनालिसिस क्या है और कैसे इसके बारे में समझ विकसित करके शेयर बाजार में सक्रिय निवेशक के तौर पर काम किया जा सकता है. इन दोनों तरीकों से आप शेयर की कीमत का सही अनुमान और भविष्य से जुड़ी संभावनाओं के बारे में पता लगा सकते हैं, साथ ही स्टॉक कब खरीदें और कब बेचें, यह निर्णय लेने में भी आपको मदद मिलेगी.

क्या है टेक्निकल एनालिसिस?

टेक्निकल एनालिसिस में किसी भी शेयर के चार्ट को देखकर उसकी डेली, वीकली और मंथली मूवमेंट और प्राइस के बारे में जानकारी हासिल की जाती है. चार्ट के जरिए सबसे शेयर के सपोर्ट और रेजिस्टेंस देखा जाता है. यहां सपोर्ट से मतलब है कि स्टॉक कितनी बार किसी एक खास भाव से ऊपर की ओर गया है. ज्यादातर एनालिस्ट सपोर्ट लेवल पर ही खरीदी की सलाह देते हैं.

वहीं, रेजिस्टेंस का मतलब है कि कोई स्टॉक कितनी बार किसी एक भाव से फिर से नीचे की ओर लौटकर आया है. अगर कोई शेयर अपने रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर की ओर जाता है तो इसे ब्रेकआउट कहते हैं यानी कि अब शेयर का भाव और बढ़ेगा. इसके विपरीत, यदि स्टॉक सपोर्ट लेवल को तोड़ देता है तो उसके नीचे जाने की संभावना ज्यादा रहती है.

टेक्निकल एनालिसिस में अहम इंडिकेटर
टेक्निकल एनालिसिस में इंडिकेटर अहम टूल्स होते हैं. दरअसल ये शेयर की मूवमेंट को लेकर अहम संकेत देते हैं. इनमें मूविंग एवरेज, RSI, MACD, सुपर ट्रेंड और बोलिंजर बैंड समेत कई इंडिकेटर्स शामिल हैं. हर इंडिकेटर का अपना महत्व है लेकिन शेयर बाजार में सक्रिय ज्यादातर निवेशक मूविंग एवरेज, MACD और RSI इंडिकेटर को अहम मानते हैं.

मूविंग एवरेज इंडिकेटर के जरिए किसी भी स्टॉक के पिछले 5, 10, 20, 50, 100 और 200 दिन के एवरेज प्राइस का अध्ययन किया जाता है. अलग-अलग टाइम फ्रेम पर स्टॉक के भाव में बढ़त और गिरावट से तेजी व मंदी का अनुमान लगाया जाता है. वहीं, RSI यानी रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स एक ग्राफ के जरिए यह प्रदर्शित करता है कि शेयर में कितनी खरीदारी और बिकवाली हावी है.

फंडामेंटल एनालिसिस क्यों जरूरी?
फंडामेंटल एनालिसिस में किसी भी कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्टोरी का अध्ययन किया जाता है. इसमें मुख्य रूप से कंपनी के फाइनेंशियल्स यानी आर्थिक आंकड़ों पर नजर डाली जाती है. इनमें P/E Ratio और P/B Ratio जैसे रेशियो को देखा जाता है. अगर प्राइस अर्निंग रेशियो की वैल्यू कम है तो इसका मतलब है कि इसमें ग्रोथ की काफी गुंजाइश है. वहीं, प्राइस टू बुक वैल्यू रेशियो कम है तो इसका मतलब हुआ कि स्टॉक अंडरवैल्यूड है.

फंडामेंटल एनालिसिस में कम्पनी की सम्पत्तियों तथा देनदारियों की अध्ययन करके कम्पनी की नेट वैल्यू निकाली जाती है. इसके आधार पर कम्पनी के स्टॉक की कीमत का अनुमान लगाया जाता है. इसमें कम्पनी की डिविडेंड पॉलिसी भी देखी जाती है. इस तरह की स्टडी से अंडरवैल्यूड कंपनियों के बारे में पता लगाया जा सकता है जिनके भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना होती है.

कैसे सीखें टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस
टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस के बारे में जानने के बाद अब सवाल उठता है कि यह ज्ञान कहां से लिया या सीखा जाए. टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस के लिए कई बुक्स और इंटरनेट पर ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध है.

इसके अलावा आप नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी मार्केट (NISM) के जरिए शेयर मार्केट में बतौर रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज के तौर पर काम करने के लिए कई कोर्सेस ज्वाइन कर सकते हैं. इनमें टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस से जुड़े विषयों को कवर किया जाता है.

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फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है ? – Fundamental Analysis In Hindi (Full Information)

फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है ? Fundamental Analysis In Hindi , Fundamental Analysis क्या है – Fundamental analysis kya hai , Fundamental analysis in Hindi ,किसी Share का Fundamental Analysis कैसे करें दोस्तों आज के समय हर कोई व्यक्ति शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने की सोच रहा है और तकनीकी उपलब्धता के कारण शेयर मार्केट की पहुंच आज प्रत्येक जन जन तक हो चुकी है

ऐसे में कोई भी शेयर को खरीदना और बेचना बहुत ही आसान हो चुका है तो लोग बहुत ही ज्यादा हर किसी शेयर को खरीद लेते हैं और उसमें नुकसान उठा लेते हैं हमें कोई भी Share खरीदने से पहले या Stock खरीदने से पहले उसका Fundamental Analysis in Hindi और टेक्निकल एनालिसिस अवश्य करना चाहिए

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What Is Fundamental Analysis In Hindi : Fundamental Analysis Kya Hai

किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले उसका एनालिसिस करना होता है स्टॉक मार्किट में कंपनी का दो तरीके से एनालिसिस किया जाता है एक होता है Technical Analysis और दूसरा Fundamental Analysis. आज में आपको बताऊंगा की फंडामेंटल एनालिसिस क्या है – Basic of fundamental Analysis In Hindi

फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है: एक साल से अधिक समय के लिए जब किसी शेयर में निवेश किया जाता है तो उसे इन्वेस्टिंग कहते है और Investing के लिए Share ढूंढ़ने की प्रक्रिया को ही Fundamental Analysis कहते है।

फंडामेंटल एनालिसिस में कंपनी का बहुत की बारीकी से विश्लेषण किया जाता है की कंपनी का बिज़नेस कैसा है, कंपनी क्या Product बनाती है, मार्किट में प्रोडक्ट की डिमांड कितनी है, Company Profit में है या Loss में, Company पर क़र्ज़ कितना है।

Fundamental Analysis में यह देखा जाता है की जिस कंपनी का Share हम खरीद रहे है वह आर्थिक रूप से कितनी मजबूत है क्या लम्बे समय में वह कंपनी एक अच्छा लाभ कमा कर दे सकती है या नहीं। Fundamental Analysis करने का उदेश्य वर्तमान मैं किसी Share को Discount Price में खरीद कर भविष्य में Premium Price पर बेचना होता है।

फंडामेंटल विश्लेषण में कंपनी के बिज़नेस और फाइनेंसियल स्टेटमेंट का एनालिसिस किया जाता है क्योंकि कंपनी के बिज़नेस प्रदर्शन से ही शेयर की कीमत निर्धारित होती है कंपनी का बिज़नेस बढ़ेगा तो कंपनी का प्रॉफिट भी बढ़ेगा जिससे शेयर प्राइस भी बढ़ेगी और लम्बे समय में Share Price कंपनी की Profit Growth को ही फॉलो करती है।

Fundamental Analysis को 2 भागों में बांटा जाता है

  1. Qualitative Analysis (गुणात्मक विश्लेषण): Qualitative Analysis में कंपनी क्या व्यापार कर रही है, प्रोडक्ट और सर्विस, मैनेजमेंट एनालिसिस, बिज़नेस मॉडल इन सभी का एनालिसिस किया जाता है।
  1. Quantitative Analysis(मात्रात्मक विश्लेषण): Quantitative Analysis में कंपनी के वित्तीय हालत को दिखाने वाले नंबर्स का एनालिसिस किया जाता है जैसे: फाइनेंसियल स्टेटमेंट (Balance Sheet,Profit & Loss Statement, Cash Flow Statement), विभिन्न तरह के रेश्यो, Sales Growth, Profit Growth का एनालिसिस किया जाता है।

फंडामेंटल एनालिसिस कैसे उपयोगी है (How Fundamental Analysis Is Useful)

सभी Successful Investor जो की Long Term Investing करते है वे सभी Stock चुनने के लिए Fundamental Analysis का उपयोग करते है। Fundamental Analysis एक बढ़िया बिज़नेस को ढूंढने में मदद करता है जिसका शेयर अभी डिस्काउंट पर मिल रहा हो।

कोई भी इन्वेस्टर जब किसी कंपनी के शेयर खरीदता है तो वह उस कंपनी से यही उम्मीद करता है की ये कंपनी आने वाले कुछ सालों के अंदर एक अच्छा Profit कमा कर दे शेयर खरीदने से पहले उस कंपनी पर संपूर्ण रिसर्च करनी होती है।

टेक्निकल चार्ट और इंडिकेटर कंपनी के व्यापार के बारे में नहीं बताते है वह सिर्फ Price Movement पर ही Buy Sell सिग्नल देते है इसलिए किसी भी Share का Fundamental Analysis करना जरूरी हो जाता है।

फंडामेंटल विश्लेषण का उपयोग हमेशा Long Time Frame में किया जाता है इसमें जल्दी पैसा कमाने का टारगेट नहीं रखा जाता है बल्कि अपने Portfolio को एक सही Rate of Return पर Compounding करने पर ध्यान दिया जाता है।

Fundamental Analysis के लिए हमेशा Top Down Approach का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें सबसे पहले Global Economy का अध्ययन किया जाता है उसके बाद Local Economy फिर Sector, Industry और लास्ट में बिज़नेस का अध्ययन किया जाता है।

Stock Market में सफलता हासिल करने के लिए कोई Extra Ordinary Knowledge की जरुरत नहीं होती है शेयर की कीमत में उतार – चढ़ाव होता रहता है क्योंकि यह मार्किट का स्वभाव है

स्टॉक के फंडामेंटल एनालिसिस के लिए इन सभी की जानकारी होना जरूरी है

क्या है टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस? किसी शेयर में निवेश से पहले जानें इसकी अहमियत

शेयर मार्केट में निवेश के समय टेक्निकल एनालिसिस करते समय कुछ फंडामेंटल भी देखना चाहिए और इसी प्रकार फंडामेंटल एनालिसिस करते समय टेक्निकल पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही स्टॉक मार्केट में निवेश को लेकर कई रिकमंडेशन या टिप्स मिलते हैं जिससे आपको खुद एनालिसिस करना चाहिए।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतरीन शेयरों का चयन करना पहला स्टेप होता है। इसके लिए मुख्य रूप से दो प्रकार के एनालिसिस होते हैं। पहला फंडामेंटल एनालिसिस और दूसरा टेक्निकल एनालिसिस। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि इन दोनों ही एनालिसिस के फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? जरिए शेयरों का चयन किया जाता है व कभी एक एनालिसिस के जरिए स्टॉक मार्केट से मुनाफे की रणनीति को अपनाया जाता है।

How many stock exchanges are there in India apart from NSE and BSE

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शेयर मार्केट में निवेश के समय टेक्निकल एनालिसिस करते समय कुछ फंडामेंटल भी देखना चाहिए और इसी प्रकार फंडामेंटल एनालिसिस फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? करते समय टेक्निकल पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, स्टॉक मार्केट में निवेश को लेकर कई रिकमंडेशन या टिप्स मिलते हैं जिससे आपको खुद एनालिसिस करना चाहिए। तो ऐसे में आइए जानते हैं कि फंडामेंटल एनालिसिस और दूसरा टेक्निकल एनालिसिस क्या है और दोनों में क्या फर्क है।

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टेक्निकल एनालिसिस

टेक्निकल एनालिसिस फंडामेंटल एनालिसिस की तुलना में अधिक कांप्लेक्स है। इसके तहत रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI), बोलिंजर बैंड्स (Bollinger Bands) जैसे 30-40 टेक्निकल इंडिकेटर का एनालिसिस किया जाता है। इस एनालिसिस में स्टॉक की मजबूती और रुझानों ध्यान में रखकर का अनुमान लगाया जाता है।

फंडामेंटल एनालिसिस

इसमें कंपनी के फाइनेंशियल्स और P/E Ratio और P/B Ratio जैसे रेशियो को पर ध्यान देते हैं। इसके अलावा और भी रेशियो को एनालाइज करते हैं। अब अगर जैसे P/E Ratio की बात करें तो इसकी वैल्यू अगर कम है तो इसका मतलब है कि इसमें ग्रोथ की बहूत उम्मीद है जब P/B Ratio कम होता है तो स्टॉक अंडरवैल्यूड है। साथ ही, इसके अलावा फंडामेंटल एनालिसिस में बीटा को भी ध्यान देखते हैं जो अगर एक से ज्यादा होता है तो इसका अर्थ हुआ कि मार्केट की तुलना में यह अधिक वोलेटाइल है। जो कंपनियां हाई डिविडेंड यील्ड वाली होती हैं और कर्ज से मुक्त होती हैं, वे फंडामेंटली रूप से बहुत मजबूत होते हैं।

इन दोनों तरीकों से आप शेयर की प्राइस का सही अनुमान और भविष्य से जुड़ी संभावनाओं के बारे में पता लगा सकते हैं। साथ ही स्टॉक कब खरीदें और कब बेचें, यह निर्णय लेने में फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? भी आपको काफी मदद मिलेगी।

फंडामेंटल एनालिसिस 2022|Share Market Fundamental Analysis In Hindi

दोस्तों, आज के इस लेख में हमने आपको आपको समझाया की Fundamental Analysis Kya Hai, Fundamental Analysis in Hindi, Share market fundamental analysis in hindi, Fundamental Analysis का क्या काम है, क्या Fundamental Analysis करना जरुरी है, Fundamental Analysis में क्या होता है? आदि.

Share Market Fundamental Analysis In Hindi क्या काम है?

Share Market Fundamental Analysis In Hindi- जब भी हमें भविष्य के लिए 1,2,5 या 10 साल के लिए शेयर मार्किट में निवेश करने की सोचते है तो सबसे पहले कंपनी का चुनाव फिर उस कंपनी के Fundamental को Analysis किया जाता है. शेयर मार्किट में निवेश करने के लिए सही शेयर को चुनने की प्रकिया को Fundamental Analysis कहते है.

Fundamental Analysis में क्या देखा जाता है?

बहुत से ट्रेडर्स को Fundamental Analysis के बारे में पता ही नहीं होता है इसलिए वह लोग मार्किट में नुकसान उठाते है. Fundamental Analysis में कम्पनी के अन्दर की जानकारी को जाना जाता है- कंपनी का बिज़नस कैसा चल रहा है, मार्केट में कंपनी के प्रोडक्ट की कितनी मांग है, कंपनी किस तरह के प्रोडक्ट बनती है, कंपनी कितने loss या profit में चल रही है, कंपनी ने पर कितना कर्ज लिया है? Share Market Fundamental Analysis In Hindi

आदि इन सभी जानकारी को हासिल करके उस कंपनी के शेयर ख़रीदे जाते है जिससे फ्यूचर में अच्छा मुनाफा होता है. Fundamental Analysis में हमें कंपनी यह देखना होता है की जिस कंपनी के शेयर खरीद रह है वह कितने मजबूत है इसकी आर्थिक स्थति क्या है? क्या यह भविष्य में अच्छा मुनाफा दे सकती है या नहीं!

Fundamental Analysis का एक ही उद्देश्य होता है वर्तमान के शेयर को कम कीमत में खरीद कर भविष्य में अधिक कीमत में बेचना होता है. Fundamental Analysis में कंपनी के बिज़नस और फाइनेंसियल स्टेटमेंट को देखते है बिज़नस प्रदर्शन से ही कंपनी के शेयर की कीमत निर्धारित होती है क्योकि जब कंपनी का बिज़नस आगे बढेगा तभी कंपनी को प्राफिट होगा जिससे भविष्य में शेयर की कीमत बढेगी.

Fundamental Analysis 2 प्रकार के होते है?

  1. Qualitative Analysis
  2. Quantitative Analysis
  3. Qualitive Analysis – Qualitive Analysis में कंपनी क्या बिज़नस कर रही है, बिज़नस मॉडल, मैनेजमेंट एनालिसिस, प्रोडक्ट और सर्विस आदि जानकारी को Analysis किया जाता है.
  4. Quantitative Analysis Quantitative Analysis में बैलेंस सीट, मुनाफा और नुक्सान स्टेटमेंट, केस फ्लो स्टेटमेंट, इस तरह के रेश्यो को और सेल्स ग्रोथ, प्रॉफिट ग्रोथ आदि को एनालिसिस किया जाता है. Share Market Fundamental Analysis In Hindi

Fundamental Analysis का उपयोग कैसे करे?

Share Market Fundamental Analysis In Hindi जितने भी पुराने फंडामेंटल एनालिसिस क्या है? और नय ट्रेडर्स होते वह लोग लम्बे समय के लिए शेयर मार्किट में निवेश करने के लिए Fundamental Analysis का उपयोग करते है. Fundamental Analysis के दोवारा हम अच्छे शेयर को चुनने में मदद मिलती है. इसके दोवारा हम उन शेयर को सर्च कर सकते है जो वर्तमान में डिस्काउंट में मिल रह है.

जब कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयर खरीदता है तो उसे कंपनी से उम्मीद करता है की ये कम्पनी आने बाले समय में काफी बढ़ोतरी करे. प्रॉफिट के लिए कंपनी के बारे में पूरा रिसर्च करना जरुरी है. Technical analysis में चार्ट पर indicator इस तरह की जानकारी नहीं देते है वह सिर्फ price movement को दिखाते है.

तभी कीमत को देख कर buy और sell करते है जो बिलकुल ठीक नहीं है fundamental analysis भी बहुत जरुरी है. Fundamental का उपयोग तब की जाता है जब आपको शेयर को लम्बे समय तक खरीदकर रखना होता है. Fundamental analysis में किन चीजों के बारे में जानना जरुरी होता है?

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